Skip to content
Free Domestic Shipping on all orders above INR 1000
Free Domestic Shipping on all orders above INR 1000

Haan, Main Bihari Hoon

by Vivekanand Jha

Rs. 200.00

Inclusive of all taxes

In stock Ships within 1-2 business days.

Buy from:

Atlantic Amazon Flipkart

Format:

About the Book

यह पुस्तक उन हिंसक घटनाओं को दर्शाती है जो मुंबई में रेलवे की परीक्षा देने गए बिहार और उत्तर प्रदेश के छात्रों के साथ घटित हुई थीं। यह भारत के इतिहास का काला दिन था जब स्थानीय गुंड़ों ने छात्रों पर हमला कर उन्हें गम्भीर रूप से घायल कर दिया था और छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही वापस लौटना पड़ा था। यह पुस्तक इस बात का समर्थन करती है कि अब समय आ गया है जब हमें गम्भीरता से अपनी पहचान को परिभाषित करना होगा। यह उपन्यास, कहानी के मुख्य चरित्र एक नवयुवक बिहारी प्रभाष चन्द्र की बिहार के दरभंगा से मुंबई तक की उतार-चढ़ाव भरी एक ह यात्रा का वर्णन करता है।

यह पुस्तक मराठी अस्मिता, मराठी मानुष और बिहारी अस्मिता की अवधारणाओं का विश्लेशण करने पर मजबूर करती है जब आज के अशांत समय में श्रेत्रीय पहचान ने भारतीय राष्ट्रवाद की धारणा को बौना साबित कर दिया है। प्रभाष चन्द्र अपने साथी बिहारी भाइयों से आह्नान करता है कि आओ हम सब मिलकर जातिवाद के अभिशाप से ऊपर उठें और बिहारी के रूप में अपनी समान पहचान को पहचानें क्योंकि बिहार के विकास और उत्थान का यही एक मात्र मूल मंत्र है। बिहार का विकास-भारतत का विकास।
.

Language

Hindi

Publisher

Peacock Books

Publication date

20 May 2016

ISBN-13

9788124803912

ISBN-10

8124803919

Product details

Binding
Paperback
Original price (MRP)
Rs. 200.00
Item weight
278 g
Author
Vivekanand Jha
Language
Hindi
Publisher
Peacock Books
Publication date
20 May 2016
ISBN-10
8124803919