India: That Is Bharat: Samvedhanik Bharat- Ek Samiksha
About the Book
भारत के संविधान के अनुच्छेद 1 का प्रारम्भिक वाक्यांश हर उस व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर कर देता है, जो भारत के सामाजिक और राजनीतिक जीवन के बारे में थोड़े बहुत भी विचार रखता है। क्या सामान्य कानून और किसी देश के संविधान में कुछ अन्तर होता है? विधि वेत्ता इसका सहज जवाब 'हाँ' में दे सकते हैं परन्तु, यदि संविधान की मर्यादा को किसी कानून के समकक्ष कर दिया जाये तो संविधान और कानून में अन्तर करना मुश्किल हो जाता है। इसी अन्तर को समझने-समझाने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है। इसके लिए भारत में आधुनिक राज्य-व्यवस्था के प्रारम्भ के साथ-साथ कानूनों को बनाने में अपने निहित स्वार्थों का संश्लेषण करने के साथ ही कानूनों को अलग ढंग से, उद्धेश्यपरक रूप में परिभाषित करने का प्रयास किया गया है। स्वतंत्र भारत में संविधान के बनने-बनाने के ऐतिहासिक संदर्भों के साथ उसके पीछे के सामाजिक-राजनीतिक उद्धेश्यों को जोड़ कर देखने का प्रयास किया गया है और इनकी उपादेयताओं को भारत की वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के परिप्रेक्ष्य में देखने का प्रयास प्रस्तुत पुस्तक में किया गया है।.
Language
Hindi
Publisher
Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
Publication date
25 July 2013
ISBN-13
ISBN-10
- Binding
- Hardcover
- Original price (MRP)
- Rs. 995.00
- Item weight
- 590 g
- Author
- Ram Nivas Bairwa
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 25 July 2013
- ISBN-13
- 9788126917877
- ISBN-10
- 8126917873
Product details
- Binding
- Hardcover
- Original price (MRP)
- Rs. 995.00
- Item weight
- 590 g
- Author
- Ram Nivas Bairwa
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 25 July 2013
- ISBN-13
- 9788126917877
- ISBN-10
- 8126917873