Maharishi Dayanand Aur 1857 Kranti (in Hindi)
About the Book
वह साधु, जिसे समकालीन दस्तावेज हिन्दू फकीर बताते हैं, अपने घर से भाग निकला था एक उच्च प्रयोजन को सिद्ध करने, लेकिन ऐसा करने में उसके मार्ग में अड़चन बनी थी वह मांग कि उसे पहले अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ना होगा, लेकिन वह ऐसा करना नहीं चाहता था। जब अपना प्रयोजन सिद्ध करने के लिए उसे कोई अन्य मार्ग नहीं मिला तो वह उठ खड़ा हुआ साम्राज्यवादी ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध, और बिना शस्त्र उठाए ही उसने उसका राज समाप्त करने के लिए उस क्रांति को धरातल पर उतारा -
• वह क्रांति जिसे हम जानते हैं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नाम से।
• वह क्रांति जिसमें अपने प्राणों की आहुति डालने वाले लोगों की संख्या हजारों में नहीं, लाखों में है।
• वह क्रांति जिसने आने वाले समय में हमारे स्वाधीनता संग्राम के प्रेरणा-स्रोत के रूप में काम किया।
• वह क्रांति जिसने हमारे देश को एक नई दिशा प्रदान की।
इससे भी अधिक रोमांचक है वह तथ्य जब उसकी योजना विफल हो गई। तब उसने क्या किया? क्या वह अपने उद्देश्य में सफल हुआ?
कौन था वह रहस्यमयी साधु? उसने अपनी पहचान पूरी तरह से गुप्त बनाए रखी, लेकिन क्यों? इतने महत्त्वपूर्ण योगदान का श्रेय उसने क्यों नहीं लिया?
शोध-आधारित इस पुस्तक में अनेक ऐसे रहस्य खुलेंगे जो आपको दाँतों-तले उंगली रखने को विवश कर देंगे।
Language
Hindi
Publisher
Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
Publication date
25 June 2024
ISBN-13
ISBN-10
- Binding
- Paperback
- Original price (MRP)
- Rs. 395.00
- Item weight
- 100 g
- Author
- A.K. Gandhi
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 25 June 2024
- ISBN-13
- 9788126939534
- ISBN-10
- 8126939532
Product details
- Binding
- Paperback
- Original price (MRP)
- Rs. 395.00
- Item weight
- 100 g
- Author
- A.K. Gandhi
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 25 June 2024
- ISBN-13
- 9788126939534
- ISBN-10
- 8126939532