Nagriya Samajshastra
About the Book
यह पुस्तक समस्त भारतीय विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर समाजशास्त्र के नगरीय समाजशास्त्र शीर्ष्षक प्रश्न-पत्र के पाठ्यक्रम का पूर्णतया विवेचन करती है। इस पुस्तक में नगरीय समाजशास्त्र का परिचय, नगरीय समाज के विवरण पर ग्रामीण और नगरीय की तुलना, नगर का सामाजिक प्रभाव, भारत में नगरों में वृद्धि, नगरीय समुदाय के लक्षण तथा नगरों के प्रकार शीर्ष्षक अध्याय दिये गए हैं। तत्पश्चात् नगरीय परिस्थितिशास्त्र और व्यक्तित्व, नगरीय परिवार तथा जीवन के सांस्कृतिक तथा सामाजिक-राजनैतिक पहलुओं का विवेचन किया गया है। आधुनिक भारतीय नगरों पर विशेष्ष प्रभाव डालने वाले कारक हैं: औद्योगीकरण, पश्चिमीकरण, लौकिकीकरण, आधुनिकीकरण तथा राजनीतिकरण। इन सभी की चर्चा पृथक अध्यायों में की गई है। इसके बाद प्रमुख नगरीय समस्याओं जैसे नगरीय बेकारी, भीड़भाड़ और गन्दी बस्तियाँ, वेश्यावृत्ति, भिक्षावृत्ति, अपराध, किशोरापराध आदि का विवेचन पृथक अध्यायों में किया गया है। अन्त में नगरीय दृष्ष्टिकोण और सामाजिक परिवर्तन तथा नगर नियोजन का विश्लेष्षण करने के बाद अन्तिम अध्याय में नगरीय आवास एवं विकास पर भारत सरकार के प्रयासों को नवीनतम आँकड़ों से स्पष्ष्ट किया गया है। विष्षय के प्रस्तुतीकरण की विश्लेष्षणात्मक प्रणाली, सरल भाष्षा, प्रामाणिक आँकड़े, अभ्यास के लिए प्रश्न तथा विवादास्पद विष्षयों में सर्वांगीण प्रणाली इस पुस्तक की ऐसी विशेष्षतायें हैं जिससे यह एक आदर्श पाठ्यपुस्तक सिद्ध होगी।
Language
Hindi
Publisher
Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
Publication date
12 August 2003
ISBN-13
ISBN-10
- Binding
- Hardcover
- Original price (MRP)
- Rs. 395.00
- Item weight
- 220 g
- Author
- Rajendra Kumar Sharma
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 12 August 2003
- ISBN-13
- 9788171566235
- ISBN-10
- 8171566235
Product details
- Binding
- Hardcover
- Original price (MRP)
- Rs. 395.00
- Item weight
- 220 g
- Author
- Rajendra Kumar Sharma
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 12 August 2003
- ISBN-13
- 9788171566235
- ISBN-10
- 8171566235