Samaj Manovigyan
About the Book
यह पुस्तक विश्लेषणात्मक पद्धति से लिखी गई है अतः प्रत्येक विषय पर प्रत्येक प्वाइन्ट को काले अक्षरों में देकर यथा-सम्भव अलग पैराग्राफ में वर्णन किया गया है। विषय को उपस्थित करने की विश्लेषणात्मक पद्धति के साथ-साथ विषय के विवेचन में रचनात्मक समालोचना की विधि अपनाई गई है। विवादास्पद विषयों पर निष्कर्ष देने में लेखक का दृष्टिकोण सर्वांग रहा है। सर्वांग दृष्टिकोण में किसी भी मत को असत्य न कहकर उसके सत्य के पक्ष पर जोर दिया जाता है और उसके खंडन के स्थान पर उसकी सीमायें दिखाने की ओर अधिक ध्यान दिया जाता है। जहां तक प्रयोग-सिद्ध बातों का प्रश्न है उनमें नवीनतम प्रयोगों के परिणाम ही अन्तिम निष्कर्ष हैं। लेखक ने प्रत्येक विषय के विवेचन में यथासंभव नवीनतम सामग्री देने का प्रयास किया है। लेखक ने इस पुस्तक को अपनी ओर से स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श पाठ्य पुस्तक बनाने की चेष्टा की है। पुस्तक में जहाँ पाठ्यक्रम के किसी भी विषय को छोड़ा नहीं गया है, वहां प्रत्येक का वर्णन प्रथम श्रेणी के स्तर से करने की चेष्टा की गई है। चार्टों, तालिकाओं और चित्रें से पुस्तक को अधिकाधिक सुबोध बनाने की चेष्टा की गई है।.
Language
Hindi
Publisher
Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
Publication date
8 June 2013
ISBN-13
ISBN-10
- Binding
- Hardcover
- Original price (MRP)
- Rs. 1,495.00
- Item weight
- 750 g
- Author
- Rajendra Kumar Sharma
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 8 June 2013
- ISBN-13
- 9788171567652
- ISBN-10
- 8171567657
Product details
- Binding
- Hardcover
- Original price (MRP)
- Rs. 1,495.00
- Item weight
- 750 g
- Author
- Rajendra Kumar Sharma
- Language
- Hindi
- Publisher
- Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
- Publication date
- 8 June 2013
- ISBN-13
- 9788171567652
- ISBN-10
- 8171567657